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जब बिना रुके एक सांस में शंकर महादेवन ने गाया गाना तो हर कोई हो गया था हैरान

Story of Shankar Mahadevan

फिल्मी कलाकार

जब बिना रुके एक सांस में शंकर महादेवन ने गाया गाना तो हर कोई हो गया था हैरान

स्टूडेंट के लिए बनी फिल्म तारे जमीन पर का सबसे सुपरहिट और सबका पसंदीदा गाना मेरी मां को लिखने से पहले अपनी मां को याद करने वाले म्यूजिक कंपोजर और कोई नहीं बल्कि शंकर महादेवन थे.

शंकर जी ने कई फिल्मो में सुपरहिट गाने दे कर फिल्मो को फेमस किया है. शंकर जी का एक बेंड भी चलता है जिसका नाम शंकर-एहसान-लॉय है. यह तीनो ही मिलकर गांव को और भी लाजवाब बना देते है.

शंकर महादेवन के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

  • 3 मार्च, 1967 को मुंबई के चेम्बूर जन्म लेने वाले शंकर महादेवन को बचपन से ही संगीत का काफी शोक था.
  • बहुत ही कम उम्र में उन्होंने संगीत की शिक्षा लेना शुरू कर दिया था.
  • शुरुआत में शंकर जी ने कर्नाटिक संगीत और भारतीय संगीत की शिक्षा ली थी.
  • महज पांच साल की उम्र में ही शंकर जी वीणा बजाने लग गए थे.
  • शंकर जी ने अपनी पढ़ाई चेम्बूर के ओएलपीएस स्कूल पूरी की. जिसके बाद उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंगमें अधययन करते हुए बैचलर की डिग्री हासिल की.
  • महादेवन जी ने हिंदी फिल्मों के साथ-साथ तेलुगु, तमिल, मलयालम, मराठी और कन्नड़ भाषा में भी गीत गए है.

Story of Shankar Mahadevan

  • शंकर महादेवन ने संगीता महादेवन से सात फेरे लिए है. उनके दो बेटे सिद्धार्थ और शिवम महादेवन हैं.
  • शंकर जी के बड़े बेटे सिद्धार्थ महादेवन ने बॉलीवुड में मशहूर फिल्म भाग मिल्खा भाग के जिंदा गाने से किया था. उनका पहला ही गाना काफी मशहूर हुआ था.
  • शंकर जी ने अपने करियर की शुरुआत 1998 में अपने पहले एल्बम ब्रीथलेस से की थी. इस एल्बम में उन्होंने बिना सास रोके एक गाना गया था जो काफी फेमस हुआ था. इस एल्बम के सभी गाने हर किसी को काफी पसंद आये थे.
  • उन्होंने अपने दो दोस्तों एहसान और लॉय के साथ मिलकर एक बेहरतीन ट्राईओ बनाया है.
  • शंकर जी को उनके जीवन का पहला नेशनल पुरुस्कार तमिल मूवी कांदोकंदनीं-कांदोकंदनीं के लिए मिला था. जिसमे ए.आर रहमान ने भी उनका साथ दिया था.

Story of Shankar Mahadevan

  • दूरदर्शन पर स्कूल चले हम गीत का निर्देशन भी शंकर जी ने ही किया है.
  • जीटीवी के शो सारे-गा-मा-पा चैलेंज 2009 में शंकर जी जज बने थे. साथ ही वह स्टार प्लस के शो म्यूजिकल महा मुकाबला में मेंटर औरजज बनकर भी दर्शको के सामने आये थे . इस मुकाबले में उनकी टीम जीती थी.
  • वर्ष 2011 में उन्होंने शंकर महादेवन ऑनलाइन अकेडमी की शुरुआत कर विश्वभर के छात्रों को संगीत की शिक्षा देते है.
  • शंकर-एहसान-लॉय के म्यूजिशियन ग्रुप को स्टारस्क्रीन, फिल्मफेयर के साथ आर डी बर्मन अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चूका है.
  • शंकर जी के इस ग्रुप के द्वारा दिल चाहता है, मिशन कश्मीर, कल हो ना हो, कभी अलविदा ना कहना, पुकार, बंटी और बबली, बीवी न-1, डॉन, तारे जमीन पर, माइ नेम इज खान, हैप्पी न्यू ईयर और हाउसफुल जैसी कई सुपरहिट फिल्मों के को अपना म्यूजिक दिया है.
  • शंकर महादेवन को फिल्म कल हो ना हो के लिए सर्वश्रेष्ठ म्यूजिक के नेशनल अवार्ड से भी सम्मानित किया गया था.
  • इसके अलावा उन्होंने कई फिल्मो में सगीत निर्देशन के लिए अवॉर्ड भी हासिल किया है.
  • शंकर महादेवन को तीन बार बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर,चार बार राष्ट्रीय पुरूस्कार के साथ बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर के अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है.
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