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भारत की 10 सबसे पुरानी कंपनियां, जिन्होंने अर्श से फर्श तक का किया सफर

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सफलता की कहानी

भारत की 10 सबसे पुरानी कंपनियां, जिन्होंने अर्श से फर्श तक का किया सफर

देश में स्टार्टअप बहुत ही तेजी से बड्ता जा रहा हैं. हर व्यक्ति आज के समय मे आत्मनिर्भर बनना चाहता हैं. लेकिन कुछ व्यक्ति एसे है जिन्होने भविष्य की जरूरतों को देखते हुये वर्षो पहले ही कई कंपनियो का निर्माण कर चुके है.

अभी तक कई व्यक्तियों को देश की सबसे पुरानी कंपनियो के नाम भी पता नहीं होंगे, जानिए देश की 10 बड़ी कंपनियो के बारे मे.

जेसॉप एंड कंपनी :-

1788 में ब्रिटिश इंजीनियर विलियम जेसॉप ने जेसॉप एंड कंपनी की स्थापना की थी. इससे पहले इस कंपनी को ब्रीन एंड कंपनी के नाम से जाना जाता था. कोलकाता मे हावड़ा पुल बनाने का पूरा श्रेय इस पनी को ही जाता है. अब जेसॉप एंड कंपनी रुइया समूह में शामिल हो गई है.

बॉम्बे डाइंग कंपनी :-

डायिंग कारोबार में अधिक नुकसान झेलने के बाद कंपनी ने खुद को टेक्सटाइल कारोबार की तरफ अग्रसर करने वाली बॉम्बे डाइंग कंपनी की शुरुआत साल 1879 में हुई थी. मशहूर अभिनेत्री प्रीति जिंटा के साथ अफेयर के बाद नेस वाडिया सुर्खियों में आए, वाहज 2011 तक बॉम्बे डाइंग के ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर रह चुके है.

डाबर :-

पेशे से एक डॉक्टर डाबर कंपनी के संस्थापक एसके बर्मन ने इस कंपनी की शुरुआत साल 1884 में की थी. बाजार में अपनी पहचान बनाने के लिए इस कंपनी को काफी लंबा संघर्ष करना पड़ा, साल 1990 के बाद कंपनी को अपनी असली पहचान मिली. आज के समय मे इस कंपनी मे सात हजार से भी ज्यादा व्यक्ति कार्यरत हैं.

किर्लोस्कर ब्रदर्स :-

लक्ष्मणराव किर्लोस्कर ने इस कंपनी की नींव साल 1888 में रखी थी. शुरुआत तो इस कंपनी की महज एक ट्रेडिंग कंपनी के रूप में हुई थी. अब यह देश मे पंप और वॉल्व बनाने वाली 1.4 अरब डॉलर की कंपनी बन गई है. इस कंपनी के चैयरमेन संजर किर्लोस्कर है.

ब्रिटानिया :-

कलकत्ता के गुप्ता परिवार ने 295 रुपये से बिस्कुट बनाने वाली दुकान को साल 1892 में प्रारम्भ किया था. लेकिन अब के समय मे यह कंपनी भारत में मशीन से बिस्कुट बनाने वाली पहली कंपनी बन गई. द्वितीय विश्व युद्ध मे सेनाओं को यह कंपनी बिस्कुट भेजती थी.

सेंचुरी टेक्सटाइल्स एंड इंडस्ट्रीज :-

नौरोसजी एन वाडिया के द्वारा इस कंपनी की शुरुआत साल 1897 में हुई थी. जानकारी के लिए बता दे की नौरोसजी, बॉम्बे डायिंग कंपनी के मालिक नुस्ली वाडिया के दादा जी थे. अमेरिकी गृहयुद्ध के चलते कॉटन की अधिक मांग को देखते हुये इस कंपनी का शुभारंभ किया गया था. लेकिन चुन्नीलाल मेहता ने इसे खरीद लिया. और उनके बाद आरडी बि़ड़ला ने इसे खरीद लिया.

गोदरेज :-

आर्देशर गोदरेज और उनके भाई पिरोजशा गोदरेज ने साल 1897 में इस कंपनी की स्थापना की थी. आर्देशर प्रोडक्ट्स में कुछ नयापन लाने के लिए उन्होंने विदेशों की काफी यात्रा करते हुये और नई तकनीकों का कंपनी ने इस्तेमाल किया.

शालीमार पेंट्स :-

दक्षिण एशिया की सबसे पुरानी पेंट कंपनी की शुरुआत साल 1902 में हुई थी. आज के समय मे सभी सरकारी कंपनियां इसके नियमित ग्राहक बने हुए हैं.

टाटा स्टील लिमिटेड :-

जमशेदजी टाटा के द्वारा साल 1907 में इस कंपनी की शुरुआत हुई थी. देश की पहली पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत कंपनी ने कई निर्माण कार्यों के लिए स्टील की पूर्ति की थी. आज के समय मे यह कंपनी दुनिया की 12वीं बड़ी स्टील कंपनी है.

टीवीएस :-

दुपहिया वाहन बनाने वाली टीवीएस मोटर कंपनी भारत की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी बन गई है. इस कंपनी की शुरुआत 1911 में टीवी सुंदरम अयंगर ने की थी. लेकिन 1912 से इस कंपनी ने सुचारु ढंग से काम शुरू किया.

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